उत्तराखंड: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का CM आवास कूच, दिवाली को काला दिवस मनाने की चेतावनी; ₹24 हजार मानदेय की मांग
Uttarakhand Anganwadi Workers Protest: देहरादून में CM आवास कूच के दौरान पुलिस से भिड़ीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। ₹24,000 मानदेय, ₹10 लाख रिटायरमेंट लाभ और पेंशन की मांग, 9 नवंबर को CM की घोषणा का इंतजार।

उत्तराखंड में मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार, 2 नवंबर को देहरादून में प्रदेशभर से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। पुलिस ने हाथीबड़कला चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गईं।
देहरादून में कहां रोका गया मार्च? पुलिस से हुई नोकझोंक
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास की ओर जुलूस निकाला। प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। मार्च जब हाथीबड़कला चौक पहुंचा तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद महिलाएं सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी और सुशीला खत्री ने कहा कि शासन और निदेशालय स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन मानदेय बढ़ोतरी का शासनादेश अब तक जारी नहीं हुआ है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की 5 बड़ी मांगें क्या हैं?
संगठन ने सरकार के सामने मानदेय और सेवा शर्तों से जुड़ी कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- मासिक मानदेय ₹24,000: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाकर 24 हजार रुपये करने का शासनादेश तत्काल जारी करने की मांग की है।
- सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख: 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर सेवा समाप्त होने की स्थिति में एकमुश्त 10 लाख रुपये देने की मांग है।
- नियमित मासिक पेंशन: सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा के लिए पेंशन की व्यवस्था की मांग की गई है।
- बेहतर संसाधन और प्रशिक्षण: काम के अनुरूप संसाधन, उचित पारिश्रमिक और नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
- सम्मानजनक कार्य वातावरण: उत्पीड़न और असम्मानजनक व्यवहार रोकने के साथ लंबित मांगों पर उच्च स्तरीय बातचीत की जाए।
संगठन का कहना है कि कार्यकर्ताओं से पोषण, बच्चों और महिलाओं से जुड़ी जिम्मेदारियों के अलावा कई विभागीय काम भी लिए जाते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुरक्षा पर्याप्त नहीं है।
अभी उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कितना मानदेय मिलता है?
28 अक्टूबर 2026 को विधानसभा में दिए गए लिखित जवाब के अनुसार, उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि, कितनी वृद्धि होगी, इस पर राज्य के वित्तीय संसाधनों के आधार पर विचार किया जाएगा।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान भुगतान का विवरण इस प्रकार है:
| पद | मासिक मानदेय | प्रोत्साहन राशि | कुल |
|---|---|---|---|
| आंगनबाड़ी कार्यकर्ता | ₹9,300 | ₹500 | ₹9,800 |
| आंगनबाड़ी सहायिका | ₹5,250 | ₹250 | ₹5,500 |
राज्य में करीब 35 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 20,070 केंद्रों के माध्यम से सेवाएं दे रही हैं।
यानी सरकार ने मानदेय बढ़ाने की बात विधानसभा में स्वीकार की है, लेकिन बढ़ोतरी की अंतिम राशि और लागू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
9 नवंबर को मुख्यमंत्री की घोषणा का आश्वासन, आंदोलन जारी
मुख्यमंत्री आवास कूच के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल की शासन स्तर पर बातचीत हुई। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में आश्वासन दिया गया कि 9 नवंबर को मुख्यमंत्री की ओर से इस संबंध में घोषणा की जाएगी।
पायनियर एज की रिपोर्ट में भी मुख्य समन्वयक इंद्रजीत कोटी की ओर से 9 नवंबर को मुख्यमंत्री की घोषणा का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, यह अभी घोषणा का आश्वासन है, मानदेय बढ़ोतरी का जारी हो चुका शासनादेश नहीं।
कार्यकर्ताओं ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
पोषण ट्रैकर और BLO के काम का बहिष्कार क्यों कर रही हैं कार्यकर्ता?
आंगनबाड़ी संगठनों ने मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर पोषण ट्रैकर तथा बीएलओ सहित ऑनलाइन और ऑफलाइन कामों के बहिष्कार का ऐलान किया है।
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेशभर की कार्यकर्ताओं ने 23 अक्टूबर से इन कामों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर रखा है। पायनियर एज की रिपोर्ट में बहिष्कार की शुरुआत 19 अक्टूबर बताई गई है। दोनों रिपोर्टों में बहिष्कार जारी रहने की बात कही गई है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी भी की जाएगी। इससे पोषण ट्रैकर और बीएलओ से जुड़े सरकारी कामों के साथ केंद्रों की नियमित सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
सरकार पहले भी मानदेय बढ़ाने का भरोसा दे चुकी है
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का मुद्दा उत्तराखंड में पहले भी उठता रहा है। पायनियर एज की 22 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की बात कही थी।
इससे पहले मई 2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई बैठक में राज्य की ओर से प्रतिदिन 140 रुपये की वृद्धि की मांग पर सहमति बनने की खबर आई थी। केंद्र सरकार से मिलने वाले हिस्से में भी 150 रुपये प्रतिदिन बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी गई थी।
हालांकि, सितंबर और अक्टूबर की रिपोर्टों में भी बढ़ोतरी की अंतिम राशि और लागू होने की तारीख स्पष्ट नहीं थी। यही वजह है कि कार्यकर्ता अब लिखित आदेश और समयबद्ध फैसला चाहती हैं।
दिवाली को काला दिवस मनाने की चेतावनी, सरकार के सामने चुनौती
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा है कि यदि दिवाली से पहले मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी नहीं हुआ तो वे त्योहार को काले दिवस के रूप में मनाएंगी। साथ ही प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी करने की चेतावनी भी दी गई है।
यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है जब सरकार विधानसभा में मानदेय बढ़ाने की बात कह चुकी है और 9 नवंबर को मुख्यमंत्री की घोषणा का आश्वासन भी दिया गया है। अब सरकार के सामने चुनौती है कि वह कार्यकर्ताओं की मांगों पर ठोस निर्णय लेकर आंदोलन को समाप्त कराने की दिशा में कदम उठाए।
फिलहाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगाहें 9 नवंबर की प्रस्तावित घोषणा पर टिकी हैं। यदि उनकी मांगों के अनुरूप फैसला नहीं आया तो आंदोलन और तेज हो सकता है।
FAQs: उत्तराखंड आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन
1. उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन क्यों किया?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये, नियमित पेंशन और बेहतर सेवा शर्तों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कितना मानदेय मांग रही हैं?
संगठन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाकर 24,000 रुपये करने की मांग की है।
3. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभी कितना मानदेय मिलता है?
विधानसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, कार्यकर्ताओं को 9,300 रुपये मानदेय और 500 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। सहायिकाओं को 5,250 रुपये मानदेय और 250 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है।
4. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्यमंत्री आवास कूच कहां रोका गया?
देहरादून में गांधी पार्क से निकला मार्च हाथीबड़कला चौक के पास पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया।
5. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दिवाली को काला दिवस क्यों मनाना चाहती हैं?
संगठन का कहना है कि यदि दिवाली से पहले मानदेय बढ़ोतरी का शासनादेश जारी नहीं हुआ तो वे विरोध स्वरूप दिवाली को काले दिवस के रूप में मनाएंगी।
6. क्या उत्तराखंड सरकार ने मानदेय बढ़ाने का फैसला कर लिया है?
सरकार ने विधानसभा में मानदेय बढ़ाने की बात कही है, लेकिन बढ़ोतरी की राशि और लागू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। प्रतिनिधिमंडल को 9 नवंबर को मुख्यमंत्री की घोषणा का आश्वासन मिला है।
7. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किन सरकारी कामों का बहिष्कार कर रही हैं?
संगठन ने पोषण ट्रैकर, बीएलओ सहित ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार किया है।
