उत्तराखंड में ₹7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, किसानों से लेकर कुंभ तक के लिए बड़ा प्रावधान; जानें CM धामी का पूरा प्लान
उत्तराखंड की धामी सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। जानें किसानों, कुंभ, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पेयजल के लिए क्या मिला।

Uttarakhand Supplementary Budget 2026: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान पेश किए गए इस बजट में किसानों से अनाज खरीद, सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्थानीय निकायों और आगामी हरिद्वार कुंभ की तैयारियों पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
₹7,844.18 करोड़ के अनुपूरक बजट का पूरा गणित
राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में पूंजीगत और राजस्व खर्च के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की है। पूंजीगत खर्च का संबंध मुख्य रूप से निर्माण और परिसंपत्तियों के विकास से होता है, जबकि राजस्व खर्च में सरकारी योजनाओं और नियमित सेवाओं से जुड़े व्यय शामिल होते हैं।
- कुल अनुपूरक बजट: 7,844.18 करोड़ रुपये
- पूंजीगत मद: 4,164.32 करोड़ रुपये
- राजस्व मद: 3,679.86 करोड़ रुपये
- पहले पारित मूल बजट: 1,11,703.21 करोड़ रुपये
- संशोधित कुल बजट आकार: लगभग 1,19,547.39 करोड़ रुपये
इस तरह अनुपूरक बजट की आधे से अधिक राशि पूंजीगत मद में रखी गई है।
किसानों के लिए ₹1,100 करोड़, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
अनुपूरक बजट में किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए अन्नपूर्ति योजना के तहत 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और सहकारिता से जुड़ी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित है।
सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में चल रही योजनाओं को वित्तीय सहायता देना और किसानों से संबंधित खरीद व्यवस्था को मजबूत करना है। हालांकि, किसानों को इसका वास्तविक लाभ खरीद प्रक्रिया, भुगतान की समयसीमा और योजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
स्थानीय निकायों को ₹721 करोड़, हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए स्थानीय निकायों को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया गया है। छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप राज्य के कर राजस्व में स्थानीय निकायों की हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने की व्यवस्था की गई है।
इससे संबंधित प्रावधान के लिए 721 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसका उद्देश्य पंचायतों और शहरी निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत करना है, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य किए जा सकें।
सड़क, बिजली और पेयजल परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि
बजट में बुनियादी सुविधाओं और निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रमुख प्रावधानों में शामिल हैं:
- बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष सहायता योजना के तहत 500 करोड़ रुपये।
- जल जीवन मिशन के अंतर्गत ठेकेदारों के बकाया भुगतान और संबंधित जरूरतों के लिए 300 करोड़ रुपये।
- बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए 270 करोड़ रुपये।
- गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये।
- पेयजल विभाग की केएफडब्ल्यू परियोजना के लिए करीब 110 करोड़ रुपये।
- जोशीमठ और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भू-धंसाव से संबंधित कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये।
इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
हरिद्वार कुंभ के लिए ₹290 करोड़, गंगा कॉरिडोर को भी राशि
उत्तराखंड में आगामी हरिद्वार कुंभ की तैयारियों को देखते हुए अनुपूरक बजट में धार्मिक आयोजन से संबंधित बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसका उद्देश्य घाटों तक पहुंच, भीड़ प्रबंधन और नदी तट से संबंधित सुविधाओं के विकास में मदद करना है।
बजट में नंदा राजजात यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए भी 20 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्या मिला?
स्वास्थ्य क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और सरकारी कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों तथा चिकित्सा शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इन प्रावधानों से स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल शिक्षा और युवाओं के लिए भी प्रावधान
सरकार ने विद्यालयी और उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसके साथ ही खेल विश्वविद्यालय, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि रखी गई है।
बजट में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देने, महिला एवं बाल कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुपूरक बजट को राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि सरकार विकास कार्यों में तेजी लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश, उद्यमिता और सामाजिक विकास से जुड़े संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार के सामने अब अतिरिक्त बजट का समय पर उपयोग, परियोजनाओं को पूरा करना और योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना अहम चुनौती होगी।
निष्कर्ष
उत्तराखंड का 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट किसानों, स्थानीय निकायों, सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और कुंभ की तैयारियों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। इससे वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के कुल बजट का आकार लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। अब इस बजट की सफलता इस बात से आंकी जाएगी कि योजनाओं पर खर्च कितनी प्रभावी ढंग से होता है और जनता को उसका कितना लाभ मिलता है।
