जयपुर: राजस्थान में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कमजोर होकर आगे बढ़ने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। राजधानी जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में गुरुवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी खबर है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को दिन में भी ठंड महसूस होने लगी है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 30 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
15 जिलों में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को राजस्थान के 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
इन 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट:
अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक और डीडवाना-कुचामन।
इन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं।
इन 19 जिलों में येलो अलर्ट:
बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सिरोही, उदयपुर, बालोतरा, चूरू, जालौर, जोधपुर, नागौर और पाली।
इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।
जयपुर में बारिश से बदला मौसम, 27.4 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
राजधानी जयपुर में गुरुवार दोपहर के बाद मौसम ने तेजी से करवट ली। शहर के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। टोंक रोड, गोपालपुरा, मालवीय नगर, जगतपुरा, अजमेरी गेट, कलेक्टरेट, मानसरोवर, वैशाली नगर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई।
बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने मौसम में ठंडक बढ़ा दी। जयपुर का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम रहा। बारिश के बाद शाम के समय तापमान और नीचे आ गया।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी जयपुर में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस हो सकता है।
20 जिलों में 5 डिग्री तक गिरा तापमान
बारिश और बादलों का असर प्रदेश के तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के करीब 20 जिलों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान भी तेजी से नीचे आया है।
सीकर में न्यूनतम तापमान करीब 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जयपुर में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री, अजमेर में 29.1 डिग्री और कोटा में 30.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान में अपेक्षाकृत गर्मी बनी हुई है। बाड़मेर में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में इस बदलाव के कारण प्रदेश के कई शहरों में सुबह-शाम गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।
अलवर, भरतपुर, दौसा और करौली में भी बारिश
जयपुर के अलावा अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर और टोंक सहित कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज की गई।
अलवर के कुछ इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। वहीं, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है। बादलों और बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट आई है।
उदयपुर में बादल छाए रहने के साथ हल्की ठंडक महसूस की गई। कोटा में भी आसमान में बादल रहे और मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है, हालांकि सीमावर्ती इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
31 अक्टूबर तक बारिश, 1 नवंबर से मौसम साफ होने के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर को भी पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जयपुर, भरतपुर, कोटा और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का असर बना रह सकता है।
हालांकि, 1 नवंबर से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 2, 3 और 4 नवंबर को भी राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियां कम रहने का अनुमान है।
इसका मतलब है कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने के बाद नवंबर की शुरुआत में मौसम स्थिर हो सकता है।
किसानों के लिए बारिश राहत भी, सावधानी भी जरूरी
राजस्थान में इस समय कई इलाकों में रबी फसलों की बुवाई की तैयारी और काम चल रहा है। ऐसे में हल्की बारिश से खेतों में नमी बढ़ सकती है, जिससे सरसों और अन्य फसलों की शुरुआती बुवाई में किसानों को मदद मिल सकती है।
हालांकि, तेज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खुले में रखी फसल, कृषि मंडियों में रखा अनाज और खेतों में चल रहे कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खुले में रखे अनाज और फसल को सुरक्षित रखें।
आंधी और बिजली गिरने के दौरान बरतें सावधानी
मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचें।
तेज हवाओं के दौरान घरों से बाहर निकलते समय सतर्क रहें और मौसम विभाग की जिला स्तरीय चेतावनियों पर नजर रखें। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते सुबह-शाम गर्म कपड़े साथ रखना भी बेहतर रहेगा।
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