फिल्म ‘रामायण’ की रिलीज के बाद ऑनलाइन पायरेसी को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) और डिजिटल प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि फिल्म के कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले लिंक की शिकायत मिलने के तीन घंटे के भीतर उन्हें हटाया या ब्लॉक किया जाए. अदालत ने प्लेटफॉर्म्स को इस प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और उनकी संपर्क जानकारी उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है.
यह आदेश फिल्म के कॉपीराइट धारक गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर 6 नवंबर 2026 को दिया गया. कंपनी ने फिल्म की रिलीज के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड कंटेंट सामने आने की शिकायत की थी. कोर्ट के इस फैसले से फिल्म की डिजिटल पायरेसी रोकने की कोशिशों को कानूनी मजबूती मिली है.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि गॉडपावर मीडिया की ओर से पायरेटेड कंटेंट के संबंध में नोटिस मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें. किसी भी स्थिति में शिकायत प्राप्त होने के तीन घंटे के भीतर संबंधित लिंक या कंटेंट को हटाना अथवा उस तक पहुंच ब्लॉक करना होगा.
कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित प्लेटफॉर्म और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स अपने नोडल अधिकारियों की संपर्क जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि शिकायत मिलने पर कार्रवाई में देरी न हो.
प्लेटफॉर्म्स को लिखित रूप में यह पुष्टि भी करनी होगी कि वे आदेश का तत्काल पालन करेंगे और इसके लिए उनके पास जरूरी व्यवस्था तथा जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद हैं.
यह मामला गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर कॉपीराइट याचिका से जुड़ा है. कंपनी के पास फिल्म ‘रामायण’ के कॉपीराइट और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े अधिकार हैं.
कंपनी ने अदालत को बताया कि फिल्म की रिलीज के बाद उसके कुछ हिस्से और पायरेटेड कंटेंट अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामने आए. याचिका में चिंता जताई गई कि अगर ऐसे लिंक हटाने में कुछ घंटे की भी देरी होती है, तो अवैध कंटेंट तेजी से फैल सकता है और उसे रोकना मुश्किल हो जाता है.
कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष कामत ने अदालत में पक्ष रखा. उन्होंने दलील दी कि पायरेटेड लिंक पर तेजी से कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि ऑनलाइन कंटेंट को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर आसानी से साझा किया जा सकता है.
रामायण की रिलीज से पहले भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म को पायरेसी से बचाने के लिए अंतरिम आदेश दिया था. 2 नवंबर 2026 को पारित डायनेमिक injunction के तहत अज्ञात लोगों को फिल्म की अनधिकृत रिकॉर्डिंग, अपलोडिंग, स्ट्रीमिंग और वितरण से रोका गया था.
इस आदेश का उद्देश्य उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई का रास्ता उपलब्ध कराना था, जिनकी पहचान उस समय नहीं हुई थी. ऐसे अज्ञात लोगों को कानूनी मामलों में आमतौर पर ‘John Doe’ के रूप में संबोधित किया जाता है.
6 नवंबर का तीन घंटे वाला निर्देश पहले दिए गए अंतरिम संरक्षण को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है. इससे फिल्म के नए पायरेटेड लिंक सामने आने पर भी तय समय में कार्रवाई की व्यवस्था बनाई गई है.
फिल्म ‘रामायण’ को बड़े बजट के दो हिस्सों वाले प्रोजेक्ट के रूप में तैयार किया गया है. अदालत में कंपनी की ओर से इस परियोजना के कुल बजट को करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, पहले भाग का बजट लगभग 2,000 करोड़ रुपये है.
कंपनी ने फिल्म के केवल तैयार संस्करण को ही नहीं, बल्कि इसकी स्क्रिप्ट, किरदारों, फुटेज, गानों के बोल और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे कंटेंट को भी कॉपीराइट सुरक्षा देने की मांग की है.
फिल्म की रिलीज से पहले इसके ट्रेलर से जुड़े कुछ फुटेज के कथित तौर पर लीक होने की बात भी सामने आई थी. कंपनी ने बताया था कि प्रीव्यू स्क्रीनिंग में सीमित प्रवेश और नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट जैसी व्यवस्थाओं के बावजूद फुटेज के अनधिकृत प्रसार की आशंका बनी हुई थी.
निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में हैं. साई पल्लवी सीता और यश रावण के किरदार में नजर आते हैं. इसके अलावा सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं.
फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ. यह दो हिस्सों में बनने वाला प्रोजेक्ट है, जिसका दूसरा भाग दिवाली 2027 के आसपास रिलीज करने की योजना बताई गई है.
डायनेमिक एंटी-पायरेसी injunction अदालत का ऐसा आदेश होता है, जो कॉपीराइट वाले कंटेंट के अनधिकृत प्रसार को रोकने के लिए दिया जाता है. इसकी खास बात यह है कि पायरेटेड कंटेंट के नए लिंक या मिरर वेबसाइट सामने आने पर भी आदेश की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है.
उदाहरण के तौर पर, किसी वेबसाइट का एक लिंक ब्लॉक होने के बाद अगर उसी फिल्म की कॉपी दूसरे URL पर अपलोड कर दी जाती है, तो कॉपीराइट धारक नए लिंक की जानकारी संबंधित प्लेटफॉर्म या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को दे सकता है. अदालत के आदेश के दायरे में आने पर उस लिंक को भी हटाया या ब्लॉक किया जा सकता है.
इस तरह की व्यवस्था का मकसद हर नए लिंक के लिए बार-बार अलग कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत कम करना है. हालांकि, कार्रवाई अदालत के आदेश और निर्धारित नोटिस प्रक्रिया के दायरे में ही होनी चाहिए.
1. रामायण फिल्म की पायरेसी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि गॉडपावर मीडिया की शिकायत मिलने के तीन घंटे के भीतर फिल्म के पायरेटेड लिंक हटाएं या ब्लॉक करें.
2. रामायण पायरेसी केस किस कंपनी ने दायर किया है?
यह याचिका गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने दायर की है. कंपनी के पास फिल्म के कॉपीराइट और व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े अधिकार हैं.
3. डिजिटल प्लेटफॉर्म को नोडल अधिकारी क्यों नियुक्त करना होगा?
नोडल अधिकारी की नियुक्ति का उद्देश्य पायरेसी से जुड़ी शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करना और संबंधित कंपनी के साथ संपर्क बनाए रखना है.
4. डायनेमिक एंटी-पायरेसी injunction क्या होता है?
यह अदालत का ऐसा आदेश है, जिसके तहत फिल्म या दूसरे कॉपीराइट कंटेंट के नए पायरेटेड लिंक और मिरर वेबसाइट सामने आने पर भी तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है.
5. रामायण फिल्म कब रिलीज हुई?
फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ. इसका निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है.
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