गुरुग्राम रोड रेज केस में SIT का बड़ा खुलासा, हादसा नहीं जानबूझकर मारी थी टक्कर; एक हफ्ते में चार्जशीट
गुरुग्राम रोड रेज केस में SIT की जांच पूरी। पुलिस के मुताबिक, महिला बाइकर शिवानी चौहान की बाइक को जानबूझकर टक्कर मारी गई। एक सप्ताह में चार्जशीट दाखिल हो सकती है।
गुरुग्राम में महिला बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया से जुड़े रोड रेज मामले में जांच पूरी हो गई है। विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट के मुताबिक, कार चालक ने कथित तौर पर विवाद के बाद जानबूझकर अपनी कार महिला की बाइक से टकराई थी। पुलिस ने इसे सामान्य सड़क हादसा मानने के बजाय जानबूझकर की गई कार्रवाई माना है। अब मामले में एक सप्ताह के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल किए जाने की तैयारी है।
SIT की जांच में क्या सामने आया?
गुरुग्राम पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। टीम का नेतृत्व महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की एसीपी सुशीला ने किया।
जांच के अनुसार, आरोपी कल्याण बैसला ने कथित तौर पर महिला बाइकर के साथ अभद्र व्यवहार करने के बाद अपनी कार उनकी मोटरसाइकिल से टकरा दी थी। पुलिस के मुताबिक, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर टक्कर को जानबूझकर की गई हरकत माना गया है।
SIT ने चार्जशीट का मसौदा भी तैयार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसे लगभग एक सप्ताह के भीतर अदालत में दाखिल किया जा सकता है।
13 सितंबर को गोल्फ कोर्स रोड पर हुई थी घटना
यह मामला 13 सितंबर 2026 का है। दिल्ली के कालकाजी की रहने वाली 27 वर्षीय शिवानी चौहान अपने दोस्तों के साथ गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर बाइक चला रही थीं।
शिवानी के आरोप के मुताबिक, सफेद रंग की मारुति सुजुकी सियाज कार में सवार लोगों ने उनका पीछा किया और अभद्र इशारे किए। इसके बाद कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से शिवानी सड़क पर गिर गईं और कुछ दूरी तक फिसलती चली गईं। आरोप है कि कार चालक मौके से फरार हो गया।
इस घटना का वीडियो शिवानी के हेलमेट कैमरे और उनके साथ चल रहे एक अन्य बाइक सवार के कैमरे में रिकॉर्ड हुआ था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले ने व्यापक ध्यान खींचा और पुलिस जांच तेज हुई।
आरोपी कल्याण बैसला और उसका साथी गिरफ्तार
पुलिस ने 15 सितंबर को राजस्थान के दौसा जिले के राजगढ़ इलाके से कल्याण बैसला और उसके चचेरे भाई लवनीश गुर्जर को गिरफ्तार किया था। दोनों को बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने कार और घटना से संबंधित वीडियो फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराएं जोड़ी गई थीं।
क्या आरोपी नशे में था? मेडिकल जांच में नहीं हुई पुष्टि
शिवानी ने आरोप लगाया था कि कार चालक नशे में था। हालांकि, पुलिस के अनुसार मेडिकल जांच में उसके शरीर में शराब की पुष्टि नहीं हुई। अधिकारियों ने बताया कि जांच में देरी इसका एक संभावित कारण हो सकती है, लेकिन केवल इस आधार पर नशे की पुष्टि नहीं की जा सकती।
पुलिस ने यह भी जांच की कि घटना से पहले आरोपी और उसके साथ मौजूद लोग कहां गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से पहले उनके एक पब-बार में जाने की जानकारी भी जांच का हिस्सा बनी।
आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराएं लगाई हैं। इनमें पीछा करने, महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से शब्द या इशारे करने और हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
चार्जशीट में पुलिस अपनी जांच, वीडियो साक्ष्य, पीड़िता के बयान और अन्य उपलब्ध सामग्री अदालत के सामने रखेगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा।
महिला सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
गुरुग्राम की इस घटना ने सड़क पर महिलाओं की सुरक्षा और रोड रेज की बढ़ती गंभीरता को लेकर चिंता बढ़ाई है। मामले में वीडियो साक्ष्य सामने आने और SIT गठित होने के बाद जांच को तेज किया गया।
अब सबकी नजर चार्जशीट दाखिल होने और आगे की न्यायिक कार्रवाई पर है। पुलिस की जांच में जानबूझकर टक्कर मारने की बात सामने आई है, लेकिन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।
