सोनीपत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत पहुंचे। यहां उन्होंने मुरथल के नागे बाबा मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर हरियाणा के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली भी मौजूद रहे। मंच से जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने प्रयागराज में चल रहे शंकराचार्य विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने संतों के नाम के जयकारों से भाषण शुरू किया और कहा कि एक योगी, एक संत के लिए, एक सन्यासी के लिए धर्म व राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं होता। उसकी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी कुछ नहीं होती। धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। कोई धर्म के खिलाफ आचरण करता है, क्योंकि ऐसे बहुत कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे। हमें उनसे सतर्क रहना होगा। सनातन धर्म को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा। आज जब दुनिया संघर्ष से गुजर रही है, भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रयागराज की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश हो रही है। आज प्रयागराज में चार करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या में आस्था की डुबकी लगाई है। नागे बाबा मंदिर में आयोजित मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजक विधायक बाबा बालकनाथ महाराज सहित सभी आयोजकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गुरु परंपरा का मान बढ़ाने वाले मंदिर के महंत को भी विशेष रूप से बधाई दी। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि धर्म की उपासना होनी चाहिए, लेकिन उसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। भारत की सांस्कृतिक विरासत में नाथ संप्रदाय सबसे प्राचीन और प्रभावशाली परंपराओं में से एक है। यह संप्रदाय समाज को जीवन जीने की सही दिशा देता है और सनातन धर्म को मजबूत करने में इसकी अहम भूमिका रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सनातन संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुलामी की मानसिकता और विदेशी प्रभावों को पीछे छोड़ते हुए भारत विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। भारत का हित सुरक्षित होगा तो सनातन धर्म स्वतः सशक्त होगा, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। राजनीति राष्ट्रवादी सोच रखने वाले लोगों के हाथों में होनी चाहिए। बीते 11 वर्षों में देश ने सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया है। राम मंदिर निर्माण कभी कल्पना था, लेकिन मजबूत सरकार के कारण वह आज साकार हुआ है। अयोध्या में राम मंदिर की पताका लहरा रही है और काशी धाम में भी ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक हजार वर्षों तक भारत विश्व में नेतृत्व करेगा। इसके लिए केवल सरकार नहीं, बल्कि समाज और जनता को भी विकास में भागीदार बनना होगा।
नशा मुक्ति पर सख्त संदेश देते हुए सीएम योगी ने नशे को समाज और राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि बाबा बुद्ध नाथ के आशीर्वाद से मुरथल क्षेत्र में मांसाहार नहीं होता, उसी तरह यहां नशा मुक्त समाज भी बनाया जा सकता है। नशा पीढ़ियों को खत्म कर देता है, इसलिए इसके खिलाफ अभियान चलाना आवश्यक है। सीमाओं के पार से आने वाले नशे को रोकने और इसके सप्लायर्स पर सख्त कार्रवाई की बात कही। राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की भूमिका पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोई भी देश भारत को सेना के बल पर दबा नहीं सकता। भारत के जवान दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। जब दुश्मन सीधे युद्ध में सफल नहीं होता तो वह युवाओं को नशे की गिरफ्त में डालने की कोशिश करता है, जिसे हर हाल में विफल करना होगा। हरियाणा की धरती से भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया, जो कर्म और कर्तव्य का संदेश देता है। उन्होंने धर्मांतरण और लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की बात दोहराई।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि धर्म की उपासना होनी चाहिए, लेकिन उसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। हरियाणा की धरती से भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया, जो कर्म और कर्तव्य का संदेश देता है। उन्होंने धर्मांतरण और लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की बात दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियां देवतुल्य हैं, उन्हें प्रदूषित करने का अधिकार किसी को नहीं है। तालाबों का संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन पर जोर देते हुए उन्होंने हरियाणा में सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयासों का उल्लेख किया। श्रद्धा और सांस्कृतिक उपलब्धियां पर उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न कराया गया था और अब तक लगभग 45 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। हर मंदिर को धाम के रूप में विकसित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जो भी ताकतें सनातन धर्म और राष्ट्र की एकता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगी, उनके खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा। शताब्दी महोत्सव का आयोजन लक्ष्य है और यह कार्यक्रम हर दृष्टि से विकास और सांस्कृतिक उत्थान का प्रतीक बनेगा।
इस भाषण में योगी ने शंकराचार्य विवाद पर खास जोर दिया। प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य से जुड़े हालिया विवाद के बीच उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि आज के समय में धर्म की आड़ लेकर सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। ऐसे लोगों से समाज को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे तत्वों को कालनेमि करार दिया, जो बाहर से धार्मिक दिखते हैं, लेकिन भीतर से धर्मविरोधी एजेंडे पर काम कर रहे हैं। यह बयान प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए विवाद की पृष्ठभूमि में आया, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने उन्हें मौनी अमावस्या पर संगम स्नान से रोका और उनके साथ आए लोगों के साथ बदसलूकी की। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि न प्रशासन, न यूपी का मुख्यमंत्री, न देश का राष्ट्रपति तय करेगा कि कौन शंकराचार्य है। ये शंकराचार्य ही तय करेंगे। पुलिस के लाठीचार्ज के बाद उन्होंने खाना-पानी छोड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
इस विवाद पर प्रवीण तोगड़िया ने भी बयान दिया। उन्होंने बंटेंगे तो कटेंगे का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू समाज इस टकराव से दुखी है। तोगड़िया ने सीएम योगी और शंकराचार्य से मिलकर विवाद शांत करने और हिंदू एकता बनाए रखने की अपील की। अखिलेश यादव ने भी इस घटना की निंदा की और पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा का कुशासन और नाकाम व्यवस्था ही दोषी है। सपा प्रमुख ने योगी पर निशाना साधा कि अहंकारी भाजपा शासन और प्रशासन अपने से बड़ा किसी को नहीं मानता।
शंकराचार्य पद को लेकर विवाद ने धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक बहस को बढ़ा दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती के बीच तीखी बहस हुई। अविमुक्तेश्वरानंद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया, लेकिन विवाद थम नहीं रहा। सांसद उज्जवल रमण सिंह ने शंकराचार्य के शिष्यों को घसीटना सनातन परंपरा का अपमान है और केंद्र से जांच की मांग की।
योगी के इस दौरे और भाषण से साफ है कि वे सनातन धर्म की रक्षा को सर्वोपरि मानते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म भारत की आत्मा है, पहचान है। सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है। यदि हमारा धर्म सुरक्षित है तो हम भी सुरक्षित हैं। हर काम देश के नाम और सनातन धर्म के नाम पर होना चाहिए। एक सच्चा संत देश और समाज की परिस्थितियों से हाथ पर हाथ रखकर चुपचाप नहीं बैठ सकता। काशी में मणिकर्णिका घाट पर हो रहे कार्यों पर विपक्ष की आलोचना पर योगी ने कहा कि कांग्रेस AI वीडियो बनाकर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। सनातन की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मंदिरों को तोड़ने का सफेद झूठ फैला रही है कांग्रेस। पौराणिक महत्व को छेड़े बिना मणिकर्णिका घाट का पुनर्विकास किया जाएगा।
योगी ने राम, कृष्ण और शंकर के बिना भारत का पत्ता नहीं हिलता कहा। जो राम विरोधी है उसकी दुर्गति तय है। मेरी उपासना इस्लाम है लेकिन धर्म सनातन है। वेद, वेदव्यास और भारतीय ज्ञान परंपरा की चर्चा की। भगवान वेदव्यास ने वेदों को संहिताबद्ध कर ज्ञान की परंपरा को सहेजा। काशी में नए संस्थान खुल रहे हैं। वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट में चल रहे प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण हैं।
इस भाषण से साफ है कि योगी सनातन धर्म को मजबूत करने और राष्ट्र की एकता पर जोर दे रहे हैं। विवादों के बीच उनका यह संदेश समाज को एकजुट करने का प्रयास है। हरियाणा दौरा राजनीतिक रूप से भी अहम है, जहां बीजेपी मजबूती से खड़ी है। मोहनलाल बडोली की मौजूदगी से पार्टी की एकता दिखी। प्रयागराज में 4 करोड़ श्रद्धालुओं का स्नान सनातन की ताकत दिखाता है। अयोध्या में 45 करोड़ दर्शन राम मंदिर की सफलता का प्रमाण हैं। नशा मुक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा, धर्मांतरण रोक जैसे मुद्दे योगी की प्राथमिकता हैं। भारत विश्व गुरु बनेगा, इसके लिए समाज को आगे आना होगा। यह दौरा सनातन उत्थान का संदेश देता है।
