पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए… योगी आदित्यनाथ की एनकाउंटर पर दो टूक, ऐसे किया जीरो टॉलरेंस नीति का बचाव

उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनकाउंटर पर हाई कोर्ट की फटकार के बाद सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने तय किया कि जीरो टॉलरेंस हर एक व्यक्ति पर लागू होगा. यदि अपना व्यक्ति ही गलत करेगा तो उस पर भी वही कानून लागू होगा जो माफिया अपराधियों पर लागू होगा. कोई अपना पराया नहीं होगा. जब हम लोगों ने कार्रवाई की तो कानून के दायरे में करने का प्रयास किया गया.सीएम योगी ने कहा लेकिन, कई बार होता है कि जब सामने वाला कानून से भयभीत नहीं है तो उसे कानून के दायरे में लाकर कानून की भाषा में समझाना तात्कालिक परिस्थित हो जाती है. फिर लोग टिप्पणी करते है कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी. अब पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए. यदि अपराधी के पास गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो हमने पुलिस को इसी लिए पिस्तौल दी है कि वह उसका सामना करे. उन्होंने कहा कि वो जिस भाषा में समझे उसमें समझाया जाए.

‘हर नागरिक में विश्वास भी जगाना था’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 के बीच 900 से ज्यादा दंगे हुए. एक भी शहर ऐसा नहीं था जहां कर्फ्यू न लगा हो. उन्होंने कहा कि उस समय ऐसा कोई उद्यमी, डॉक्टर या बिजनेसमैन नहीं होगा जिसने ‘गुंडा टैक्स’ न दिया हो. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जब प्रधानमंत्री और हमारी पार्टी ने मुझे यह ज़िम्मेदारी सौंपी, तो हमें इस चुनौती का सामना करना था. उन्होंने कहा कि हर नागरिक में विश्वास भी जगाना था.स्वाभाविक रूप से हम यह चुन-चुनकर नहीं कर सकते थे. उन्होंने कहा कि हमने ज़ीरो टॉलरेंस का फैसला किया और ज़ीरो टॉलरेंस सभी पर समान रूप से लागू होगा. सीएम योगी ने कहा कि अगर हमारा अपना कोई व्यक्ति गलत करता है, तो उस पर भी वही कानून लागू होगा जो किसी माफिया या अपराधी पर लागू होता है.

पुलिस गोली नहीं चलाएगी, तो क्या खाएगी?
सीएम योगी ने कहा कि हमने इसे कानून के दायरे में रहकर करने की कोशिश की, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि अगर सामने वाला व्यक्ति कानून से नहीं डरता, तो उसे कानून के दायरे में लाना और उसे कानून की भाषा समझाना उस समय की जरूरत बन जाता है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग कमेंट करते हैं और पूछते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई.सीएम योगी ने कहा अगर पुलिस गोली नहीं चलाएगी, तो क्या पुलिस को गोली खानी चाहिए? दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकतीं. उन्होंने कहा कि अगर उस अपराधी को गोली चलाने की आजादी है, तो हमने पुलिस को पिस्तौल इसलिए दी है ताकि वे भी उनका सामना कर सकें. जब उनसे उसी भाषा में निपटा जाता है. पिछले 9 सालों में बड़े सकारात्मक बदलाव हुए हैं.उन्होंने कहा कि सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है. कोई भी शांति भंग करने, अराजकता या फिरौती की बात नहीं करता. कोई दंगे नहीं होते, कोई गड़बड़ी नहीं होती, कोई जबरन वसूली नहीं होती. उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति कहीं भी नहीं है और उत्तर प्रदेश ने खुद को एक बेहतरीन निवेश डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया है.

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