दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिक्य शिंदे से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की है. तीनों नेताओं से 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उससे जुड़े मामलों को लेकर सवाल-जवाब किए गए. पूछताछ के बाद बाहर आए CJP नेता आशुतोष रांका ने इसे सामान्य जांच बताया और कहा कि वे किसी भी एजेंसी की जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
इस बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की ओर से CJP नेताओं पर विदेशी फंडिंग को लेकर लगाए गए आरोपों का मुद्दा भी गरमा गया है. रांका ने इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर विदेशी फंडिंग की जानकारी थी तो सरकार के प्रतिनिधि उनसे बातचीत क्यों कर रहे थे और उनके साथ बैठकर चाय-नाश्ता क्यों कर रहे थे?
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गुरुवार, 5 नवंबर को सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिक्य शिंदे से पूछताछ की. तीनों नेता दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनसे 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुई घटना से जुड़े सवाल पूछे गए.
यह मामला जंतर-मंतर के उस प्रदर्शन स्थल से जुड़ा है, जिसे प्रदर्शन के लिए अधिसूचित स्थल के रूप में हटाया जा चुका था. आरोप है कि CJP के सदस्यों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और वहां तिरंगा फहराया.
इस मामले में दो FIR दर्ज की गई थीं. एक FIR कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन और दूसरी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी. बाद में दोनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई.
पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में आशुतोष रांका ने कहा कि 13 अक्टूबर की घटना को लेकर सामान्य पूछताछ हुई है. उन्होंने कहा कि CJP पहले भी जांच में सहयोग की बात कह चुकी है और आगे भी किसी एजेंसी की जांच में पूरा सहयोग करेगी.
रांका ने जंतर-मंतर पर तिरंगा दिखाने के मुद्दे पर कहा कि जंतर-मंतर या किसी सार्वजनिक सड़क पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाना अपराध नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष तरीके से और सही मंशा के साथ की जाएगी.
CJP नेताओं पर विदेशी फंडिंग को लेकर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के आरोपों के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. मंत्री ने आरोप लगाया था कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को अमेरिका स्थित दानदाताओं से पैसा मिला, जबकि आशुतोष रांका को पाकिस्तानी राजनेताओं से फंडिंग मिल रही थी.
इन आरोपों पर जवाब देते हुए रांका ने सवाल किया कि अगर विदेशी फंडिंग का मामला था तो सरकार के प्रतिनिधि CJP नेताओं के साथ बैठकें क्यों कर रहे थे? उन्होंने कहा कि उनके साथ हाथ मिलाया गया, बातचीत की गई और चाय-नाश्ता भी किया गया. ऐसे में जितेंद्र सिंह को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
रांका ने पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और अमेरिका से फंडिंग मिलने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर बार-बार विदेशी फंडिंग की बात उठाई जा रही है.
आशुतोष रांका ने विदेशी फंडिंग के आरोपों के जवाब में वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी उठाए. उन्होंने सवाल किया कि देश में वोट चोरी के आरोपों पर सरकार क्या जवाब दे रही है.
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए और पूछा कि सरकार उन्हें क्यों बचा रही है. रांका के मुताबिक, इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय बार-बार विदेशी फंडिंग के आरोपों को सामने लाया जा रहा है.
CJP के नेताओं ने 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. पार्टी के सदस्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई थी.
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उस स्थान पर प्रवेश किया, जिसे आधिकारिक रूप से प्रदर्शन स्थल के तौर पर अधिसूचित नहीं किया गया था. इसी घटना को लेकर कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में मामले दर्ज किए गए थे.
इससे पहले सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया था और वे करीब एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहे. 21 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद दोनों तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे. रिहाई के लिए उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती बॉन्ड देने के साथ शांति बनाए रखने से जुड़े लिखित आश्वासन भी देने पड़े थे.
क्राइम ब्रांच की पूछताछ के बाद जांच जारी है. पुलिस दोनों FIR से जुड़े तथ्यों और 13 अक्टूबर की घटना की जांच कर रही है. वहीं, CJP नेता जांच में सहयोग करने की बात कह रहे हैं और विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर सरकार से सबूत और जवाब मांग रहे हैं.
फिलहाल विदेशी फंडिंग को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है. इसलिए इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. जांच के नतीजे और संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही इस मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
1. CJP के किन नेताओं से दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की?
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिक्य शिंदे से 13 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामले में पूछताछ की.
2. आशुतोष रांका से किस मामले में पूछताछ हुई?
उनसे जंतर-मंतर पर कथित प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश और तिरंगा फहराने की घटना से जुड़े दो मामलों में पूछताछ की गई.
3. CJP पर विदेशी फंडिंग का आरोप किसने लगाया?
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने CJP से जुड़े लोगों पर विदेशी स्रोतों से फंडिंग मिलने के आरोप लगाए थे.
4. आशुतोष रांका ने विदेशी फंडिंग के आरोपों पर क्या कहा?
रांका ने आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर विदेशी फंडिंग की जानकारी थी तो सरकार के प्रतिनिधि CJP नेताओं के साथ बैठकें और बातचीत क्यों कर रहे थे.
5. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कब हुआ था?
CJP के सदस्यों ने 13 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. यह प्रदर्शन मतदाता सूची के SIR में कथित अनियमितताओं के विरोध में था.
6. सौरव दास और आशुतोष रांका कब जेल से रिहा हुए थे?
दोनों नेता 21 अक्टूबर 2026 को तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे. उन्हें शांति बनाए रखने से जुड़े लिखित आश्वासन और बॉन्ड देने पड़े थे.
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