पवन सिंह ने क्यों लौटाया टिकट? खेसारी लाल बोले राजनीति में दोस्त-दुश्मन नहीं, बस बिजनेस होता है

उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ लोकसभा चुनाव में पवन सिंह की ओर से खेसारी लाल यादव प्रचार करने के लिए गए हुए थे, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में पवन सिंह बीजेपी में शामिल हुए हैं और उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा के पैर भी छुए. इस पर खेसारी लाल ने कहा कि अब उनका पावर वहां से शुरू होगा. उन्होंने कहा कि देखिए ये उनका व्यक्तिगत मामला है. वो समय भी सही थे और मुझे लगता है शायद इस समय भी वो सही होंगे.खेसारी लाल ने कहा कि ये उनकी अपनी विचारधारा भी है. और वैसे भी राजनीति में कोई दुश्मन नहीं है और न ही कोई हितैशी है.हमलोग एक राजनेता के लिए लड़ जाते हैं तो ये हमारा विषय है. उनके मन में एक दूसरे के लिए कभी गलत नहीं होता है. वो पहले एक गायक थे, लेकिन अब वो राजनेता हो गए हैं.

मेरे लिए रिश्ते मायने रखते हैं
भवे यानी छोटी भाभी के आरजेडी से चुनाव लड़ने पर खेसारी लाल ने कहा कि मेरे लिए दोनों मायने रखते हैं. अगर किसी का पति हूं तो दूसरे के लिए भाई भी हूं.उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मेरे रिश्ते बहुत प्यारे हैं. मैं रिश्तों को बचाने का प्रयास करता हूं और नए रिश्ते भी कमाना चाहता हूं. अब इस परिस्थिति में तो उन्हें भी सोचना होगा ना कि भाई के लिए भाई आया था तो भवे के लिए भी बड़ा भाई जाएगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल, राजनीति से मैं अभी दूर हूं. अगर इससे जुड़ा कोई अपडेट आएगा तो मैं आप सभी को जरूर बताऊंगी.बीजेपी से कभी अलग नहीं हुए थे वाले बयान पर खेसारी लाल ने कहा कि ये तो उन्हीं से ही पूछिएगा कि अगर अलग नहीं हए थे टिकट क्यों लौटा दिए. वैसे भी राजनीति में इमोशन नहीं होता है और ना वहां दर्द होता है. वहां सिर्फ बिजनेस होत हैं. उन्होंने कहा कि हम और हमारा काम उनसे बहुत अलग है. मैं ट्विटर और दूसरे माध्यमों से हमारी समस्याएं और उनसे जुड़ी बातें भी शेयर करता हूं.

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