लखनऊ, 17 दिसंबर 2025। दिल्ली की एक अदालत द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को मिली राहत ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर पैदा कर दी है। लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर बुधवार दोपहर सैकड़ों कांग्रेसी सड़कों पर उतर आए। नारों के उच्चारण, भगवद्गीता भजन और गांधी परिवार के समर्थन में ट्राइबल्स के साथ वे जोरदार प्रदर्शन करने लगे। सोनिया-राहुल जिंदाबाद, सत्य की हमेशा जीत जैसे नारे गूंजते रहे, जबकि विपक्षी भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले बैनर लहराए जाते रहे। प्रदर्शन का आगाज दोपहर करीब 1 बजे हुआ, जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, नेशनल हेराल्ड केस एक राजनीतिक साजिश थी, जो भाजपा ने गांधी परिवार को नेस्तनाबूद करने के लिए रची थी। अदालत ने सच्चाई का आईना दिखा दिया है। यह राहत न केवल सोनिया जी और राहुल जी की जीत है, बल्कि पूरे कांग्रेस परिवार और लोकतंत्र की जीत है। लल्लू के भाषण पर कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाईं और इनकम टैक्स बचाओ, भाजपा हटाओ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल थे। कई ने ट्राइकल से गांधी परिवार की तस्वीरें सजाईं, तो कुछ ने काले झंडे लहराकर केंद्र सरकार पर हमला बोला।
यह प्रदर्शन नेशनल हेराल्ड मामले के लंबे कानूनी सफर का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। 2012 में भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर शिकायत से शुरू हुआ यह मामला अजमेर सिंह की अगुवाई वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईपीएल) से जुड़ा है। आरोप था कि कांग्रेस ने एजेएल के 2,000 करोड़ के कर्ज को माफ करने के लिए यंग इंडियन कंपनी का इस्तेमाल किया। सोनिया और राहुल पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगे थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच की, लेकिन दिल्ली की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के ताजा फैसले में दोनों नेताओं को नियमित जमानत मिल गई। अदालत ने कहा कि कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला और मामला राजनीतिक रंग ले चुका है।लखनऊ के प्रदर्शन में भाग लेने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, यह भाजपा की नाकामी है। वे गांधी परिवार को बदनाम करने की हर कोशिश कर चुके, लेकिन जनता सब जानती है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों में यह राहत कांग्रेस को मजबूती देगी। तिवारी ने याद दिलाया कि नेशनल हेराल्ड अखबार ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सोनिया गांधी ने 2010 में इसे पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, जो भाजपा को खटक गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सोनिया के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था, ष्मैं थकूंगी नहीं, लड़ूंगी।ष्
पहजरतगंज की सड़कों पर प्रदर्शन ने यातायात को प्रभावित किया। पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात कर लिया। एसएसपी लखनऊ ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, कोई हादसा नहीं हुआ। हालांकि, भाजपा ने इसे नौटंकी करार दिया। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, कांग्रेस अपनी हार मान चुकी है। नेशनल हेराल्ड में भ्रष्टाचार साबित हो चुका है, राहत अस्थायी है। सुप्रीम कोर्ट में अपील होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना और आरक्षण के मुद्दे पर भटक रही है।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह लखनऊ तक सीमित नहीं रहा। प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर जैसे शहरों में भी छोटे-मोटे धरने हुए। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डाला सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा, गांधी परिवार का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। भाजपा की साजिशें उजागर होंगी। प्रदर्शन में भाग लेने वाली लखनऊ की युवती प्रिया मिश्रा ने बताया, हम राहुल जी को भविष्य का नेता मानते हैं। यह राहत हमें चुनावी जंग के लिए प्रेरित करेगी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला 2027 यूपी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा बूस्टर है। पार्टी, जो 2022 में महज दो सीटों पर सिमट गई थी, अब सपा गठबंधन के साथ मजबूत वापसी की उम्मीद कर रही है। नेशनल हेराल्ड केस ने गांधी परिवार की छवि पर दाग लगाने की कोशिश की थी, लेकिन अदालती राहत ने इसे धो दिया। पूर्व विधायक अखिलेश सिंह साक्षी ने कहा, यह प्रदर्शन कांग्रेस की एकजुटता दिखाता है। भाजपा को अब विकास के मुद्दों पर जवाब देना होगा।
