प्रमुख तीर्थ स्थल जहाँ सर्वाधिक स्नान होता है
गंगा स्नान पर्व पर देशभर से लाखों श्रद्धालु गंगा के विभिन्न प्रसिद्ध तटों पर एकत्रित होते हैं। इनमें से कुछ तीर्थ स्थानों में सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है। इसमें प्रयागराज (त्रिवेणी संगम) प्रमुख है। यहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। पर्व के समय विशाल भीड़ एकत्र होती है। हरिद्वार (हर की पौड़ी) यह देवभूमि उत्तराखंड में स्थित है। हर की पौड़ी विश्व प्रसिद्ध गंगा घाट है। यहाँ रोजाना लाखों लोग स्नान व आरती के लिए आते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर यहाँ अद्भुत दृश्य होता है। वहीं एक और तीर्थ स्थल वाराणसी, जहाँ भगवान शिव की प्रिय नगरी काशी में दशाश्वमेध घाट सबसे प्रसिद्ध है, यहाँ गंगा स्नान के साथ भव्य आरती भी होती है। यहाँ गंगा स्नान करने से अद्भुत आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। वहीं ऋषिकेश (त्रिवेणी घाट) हिमालय की तलहटी में स्थित एक और तीर्थ स्थल है। यह स्थान शुद्ध, शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। यहाँ सुबह-शाम श्रद्धालु स्नान व आरती के लिए पहुंचते हैं। गंगा स्नान पर यहाँ भी काफी भीड़ जुटती है। वहीं गंगासागर, जो बंगाल की खाड़ी में स्थित है, यहाँ भी गंगा स्नान का काफी महत्व माना जाता है। यहाँ मकर संक्रांति के साथ कार्तिक पूर्णिमा पर भी असंख्य भक्त गंगा स्नान के लिए आते हैं। गढ़मुक्तेश्वर, दिल्ली के निकट यह स्थान भी पौराणिक है और पूर्णिमा पर विशेष भीड़ देखने को मिलती है। कुल मिलाकर गंगा स्नान पर्व श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का उत्सव है। जहाँ एक ओर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं, वहीं दूसरी ओर विशाल मेलों, घाटों की सफाई, भजन-कीर्तन और आरती से पूरा वातावरण खास आध्यात्मिक रस में डूब जाता है। मेले के बहाने विभिन्न संस्कृति और क्षेत्रों के लोग एकत्र होते हैं, जो भारतीयता को एक सूत्र में बाँधता है। इन तीर्थ स्थलों पर सुरक्षा और स्वास्थ्य की विशेष व्यवस्था की जाती है।
कार्तिक पूर्णिमा पर करोड़ों भक्त गंगा में लगाएंगे आस्था की डुबकी
