महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है। खासकर ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में बीजेपी के नेतृत्व वाले महा विकास अघाड़ी गठबंधन की प्रचंड जीत ने ठाकरे परिवार की लंबे समय से चली आ रही सत्ता को हमेशा के लिए उखाड़ फेंका। इस जीत पर बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने जोरदार बधाई दी है। उन्होंने ठाकरे परिवार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुंबई की जनता ने उन ताकतों को सही जगह दिखा दी है, जिन्होंने उन्हें गालियां दीं, उनके घर को तोड़ा और महाराष्ट्र छोड़ने की धमकी दी। कंगना ने ठाकरे परिवार को महिलाओं से नफरत करने वाले, धमकाने वाले और भाई-भतीजावाद के माफिया के रूप में चित्रित किया।
कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करते हुए लिखा, ष्बीएमसी चुनावों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई! मुंबई में ठाकरे परिवार की लंबे समय से चली आ रही सत्ता का अंत हो गया। जनता ने उन ताकतों को सही जगह दिखा दी है, जिन्होंने मुझे गाली दी, मेरे घर को तोड़ा और महाराष्ट्र छोड़ने की धमकी दी। ठाकरे परिवार महिलाओं से नफरत करने वाले, धमकाने वाले और भाई-भतीजावाद माफिया हैं।ष् उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। कंगना के समर्थक इसे बीजेपी की जीत का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं शिवसेना (यूबीटी) के समर्थक इसे व्यक्तिगत आक्रमण करार दे रहे हैं।
यह विवाद कंगना और ठाकरे परिवार के बीच पुराना है। 2020 में जब कंगना ने महाराष्ट्र सरकार पर सेंसरशिप का आरोप लगाया, तो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने उनके पाली हिल्स स्थित कार्यालय को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। कंगना ने इसे बदले की कार्रवाई बताया और तत्कालीन महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर निशाना साधा। उन्होंने कहा था कि अगर महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था ऐसी है, तो वे राज्य छोड़ देंगी। ठाकरे सरकार ने इसे अवैध निर्माण बताकर कार्रवाई की थी, लेकिन कंगना ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का नाम दिया। अब बीएमसी चुनाव परिणामों के बाद कंगना ने पुरानी कसौटी को फिर से तौल लिया है।
चुनाव परिणामों ने महाराष्ट्र की राजनीति को नया मोड़ दिया है। बीएमसी, जो दुनिया की सबसे अमीर नगर निगमों में शुमार है, लंबे समय से शिवसेना का गढ़ रही। उद्धव ठाकरे के पिता बालासाहेब ठाकरे ने इसे मजबूती से संभाला था। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनावों में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद शिवसेना का विभाजन हो गया। शिंदे ने बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाई और अब बीएमसी में भी बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने करिश्माई प्रदर्शन किया। बीजेपी को 120 से अधिक सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना (यूबीटी) को करारी हार का सामना करना पड़ा। कंगना की नजर में यह जनादेश ठाकरे परिवार के श्तानाशाहीश् के खिलाफ है।
कंगना का यह बयान बीजेपी के लिए राजनीतिक हथियार बन गया है। पार्टी के कई नेता इसे जनता की आवाज बता रहे हैं। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, ष्कंगना ने सच्चाई बयान की है। ठाकरे परिवार ने हमेशा विरोधियों को दबाने की कोशिश की। अब जनता ने फैसला सुना दिया।ष् वहीं, शिवसेना (यूबीटी) ने कंगना के बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह हताशा का परिणाम है। संजय राउत ने ट्वीट किया, ष्कंगना जी, बीएमसी की जीत बीजेपी की नहीं, शिंदे की है। ठाकरे परिवार मुंबई का अभिन्न अंग है। आपकी हार की हताशा मत दिखाइए।ष्राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कंगना का बयान ठाकरे परिवार की छवि को और धूमिल करेगा। प्रोफेसर रवि शर्मा कहते हैं, ष्बीएमसी चुनाव महा विकास अघाड़ी की एकजुटता का प्रमाण हैं। ठाकरे परिवार का भाई-भतीजावाद अब उजागर हो गया। कंगना ने इसे भावनात्मक रूप से व्यक्त किया।ष् कंगना, जो स्वयं बीजेपी सांसद हैं, ने बॉलीवुड से राजनीति में कदम रखा है। उनके बयान अक्सर विवादास्पद होते हैं, लेकिन समर्थकों में उत्साह जगाते हैं।
यह जीत महाराष्ट्र में बीजेपी की बढ़ती ताकत का संकेत है। आने वाले दिनों में ठाकरे परिवार को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। कंगना की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है। महिलाओं के प्रति ठाकरे परिवार के रवैये पर सवाल उठे हैं। कंगना ने कहा, ष्वे महिलाओं को धमकाते हैं, गालियां देते हैं। जनता ने जवाब दे दिया।ष् सोशल मीडिया पर रुज्ञंदहंदंटेज्ींबामतंल ट्रेंड कर रहा है।मुंबई की सड़कों पर उत्सव का माहौल है। बीजेपी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। कंगना ने अंत में लिखा, ष्मुंबई हमारी है, अब हमेशा के लिए।ष् यह बयान न केवल चुनावी जीत का जश्न है, बल्कि पुराने घावों को कुरेदने वाला भी। महाराष्ट्र राजनीति में नया अध्याय शुरू हो चुका है।
