Rakesh Tikait News: किसानों के मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग उठाई है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आयोजित किसान पंचायत के दौरान टिकैत ने गन्ने का भाव ₹500 से बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग की। साथ ही गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और धान समेत दूसरी फसलों की सरकारी खरीद में आ रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया।
बिजनौर के प्रदर्शनी मैदान में आयोजित किसान पंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने गन्ने का भाव ₹500 से बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग रखी।
टिकैत का कहना है कि खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों को फसल बेचने के बाद भी कई तरह की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गन्ने की कीमत बढ़ाना और चीनी मिलों पर बकाया भुगतान जल्द कराना जरूरी है।
राकेश टिकैत ने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी को जरूरी बताया। उनके मुताबिक, कई इलाकों में किसानों को सरकारी खरीद के दौरान समस्याएं आती हैं और फसल का उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाता है।
टिकैत ने धान और मक्का की खरीद को लेकर किसानों की परेशानी का जिक्र किया। आलू, मूंगफली और बाजरा उत्पादकों के सामने भी उपज का सही मूल्य पाने की चुनौती का मुद्दा उठाया गया।
किसान संगठनों की प्रमुख मांग है कि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिले और सरकारी खरीद व्यवस्था बेहतर तरीके से काम करे। MSP की कानूनी गारंटी को इसी मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।
किसान पंचायत के दौरान टिकैत ने किसानों से खेती और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल का उचित मूल्य, बढ़ती लागत और बकाया भुगतान जैसे विषय किसानों के लिए अहम हैं।
उनका जोर इस बात पर रहा कि किसान जाति और धर्म के आधार पर बंटने के बजाय अपनी आर्थिक समस्याओं और अधिकारों पर ध्यान दें। किसान संगठनों के मुताबिक, फसलों के दाम और खरीद व्यवस्था से जुड़ी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
बिजनौर की किसान पंचायत में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों और दूसरे वाहनों से पहुंचे। बैठक में गन्ने की कीमत बढ़ाने, बकाया भुगतान, MSP की कानूनी गारंटी और फसलों की खरीद में आ रही दिक्कतों पर चर्चा हुई।
राकेश टिकैत ने किसानों से अपने मुद्दों को संगठित तरीके से उठाने की अपील की। पंचायत में उठी मांगों का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और खेती से जुड़ी आर्थिक चुनौतियों का समाधान कराना रहा।
राकेश टिकैत की मांगों के केंद्र में तीन प्रमुख मुद्दे हैं—गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल करना, चीनी मिलों से बकाया भुगतान कराना और MSP की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करना। इन मांगों पर सरकार की ओर से किसी नए फैसले या घोषणा की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।
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