मिर्जापुर जिमों में लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन और ब्लैकमेल का मामला, पुलिस ने चार को दबोचा

मिर्जापुर। शहर के नारघाट, महुवरिया और बेलतर इलाके में स्थित जिमों ने अब एक गंभीर सनसनी फैला दी है। यहां आने वाली लड़कियों को निशाना बनाकर जिम संचालक और ट्रेनर दोस्ती के नाम पर प्रेम जाल बुनते थे, फिर धर्म परिवर्तन का दबाव डालते थे। इतना ही नहीं, छेड़खानी कर अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगा है। इस पूरे कांड में सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जबकि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने चारों जिमों को सील कर दिया है ताकि साक्ष्य सुरक्षित रहें। यह कार्रवाई देहात कोतवाली क्षेत्र की दो लड़कियों की शिकायत पर हुई है, जिन्होंने अपने साथ हुए उत्पीड़न की पूरी कहानी बयान की। मामला इतना संवेदनशील है कि एसपी ने विशेष टीमों का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि आरोपी जिमों में अमीर घरों की लड़कियों को फंसाते थे और उनके फोटो का दुरुपयोग कर पैसे वसूलते थे।

यह घटना मिर्जापुर के कोतवाली क्षेत्रों में फैली जिम संस्कृति पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। शहर कोतवाली के महुवरिया और कटरा कोतवाली के बेलतर में केजीएन वन, केजीएन टू, केजीएन थ्री जैसे जिम चल रहे हैं। इसके अलावा आयरन फायर जिम भी चर्चा में है। इन जगहों पर लड़कियां फिटनेस के लिए आती थीं, लेकिन संचालक और ट्रेनर उन्हें दोस्ती के बहाने फंसाते। पहले तो छेड़खानी शुरू होती, फिर मोबाइल पर बातें बढ़ाई जातीं। पीड़ित लड़कियों ने शिकायत में कहा कि आरोपी उन्हें बरगलाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करते थे। अगर मना किया तो अश्लील फोटो या वीडियो बनाकर धमकी देते। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी लड़कियों के सामान्य फोटो लेते, फिर एआई टूल्स का इस्तेमाल कर उन्हें अश्लील बनाते। इन फोटो को भेजकर ब्लैकमेल करते और पैसे मांगते। एक पीड़िता ने बताया कि उसे भरुहना क्षेत्र में बुलाकर धमकाया गया था। यह सब अमीर परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाकर किया जाता ताकि डर से वे चुप रहें।

पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। देहात कोतवाली में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज हुईं। दोनों पीड़िताओं ने जिम संचालकों पर धर्म परिवर्तन का प्रयास और ब्लैकमेल का आरोप लगाया। एएसपी नितेश सिंह ने प्रकरण की गंभीरता देखते हुए सदर क्षेत्राधिकार के नेतृत्व में एसओजी, कोतवाली कटरा, कोतवाली देहात और कोतवाली नगर की चार टीमों का गठन किया। इन टीमों ने छापेमारी कर मोहम्मद शेख अली आलम को नटवां मिल्लत नगर से, फैजल खान को गोसाई तालाब मस्जिद के पास से गिरफ्तार किया। इनके मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य बरामद कर दो अन्य आरोपी जहीर और सादाब को भी पकड़ा गया। जांच में पता चला कि जहीर केजीएन वन जिम का मालिक है। उसके तार केजीएन टू, केजीएन थ्री और आयरन फायर से भी जुड़े हैं। पीड़िताएं पहले केजीएन जिम जाती थीं। साक्ष्य संकलन के लिए सभी चार जिम सील कर दिए गए। एएसपी ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच हो रही है और जो भी आरोपी सामने आएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्राथमिकी में छेड़खानी, धर्म परिवर्तन, ब्लैकमेल और वसूली की धाराएं लगाई गई हैं।

इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आयरन फायर जिम में ट्रेनर के रूप में एक सिपाही का नाम सामने आया। सोशल मीडिया पर उसका नाम खूब घूम रहा है, लेकिन नामजद आरोपियों में उसका जिक्र नहीं। पुलिस सुबह से मामले को संवेदनशील बताकर चुप थी, लेकिन शाम होते ही प्राथमिकी की जानकारी दी। आरोपी सिपाही पहले मिर्जापुर कोर्ट में ड्यूटी करता था, अब भदोही जिले में तैनात है। एएसपी नितेश सिंह ने स्पष्ट किया कि आयरन फायर के ट्रेनर के नाम पर केस दर्ज है। अगर वह सिपाही है तो छानबीन होगी और कार्रवाई निश्चित। पुलिस अभी उसकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं कर रही, लेकिन जनता में गुस्सा है कि पुलिस अपना ही आदमी बचाने की कोशिश कर रही। यह खुलासा पूरे विभाग पर सवाल उठा रहा है।

जिमों के पीछे फंडिंग का भी राज खुल रहा है। केजीएन श्रृंखला शहर और कटरा में चलती है। जांच में पता चला कि एक पुराने नेता और कालीन कारोबारी का पैसा लगा है। कारोबारी का बेटा जिम में निवेशक है। अब पुलिस यह देख रही है कि इनकी क्या भूमिका रही। अगर वे शामिल पाए गए तो कार्रवाई होगी। पीड़ित लड़कियों ने बताया कि आरोपी अमीर लड़कियों को टारगेट करते क्योंकि उनके परिवार पैसे देकर मामला दबा सकते थे। लेकिन दो बहादुर लड़कियों ने आवाज उठाई और अब पूरा नेटवर्क बेनकाब हो रहा। एआई का इस्तेमाल कर फोटो एडिटिंग करना नया ट्रेंड है, जो अपराधियों को आसान बना रहा। कुछ दिन पहले भरुहना में एक लड़की को इसी तरह बुलाकर ब्लैकमेल किया गया था। पुलिस अब डिजिटल फुटप्रिंट ट्रेस कर रही है।

मामला धर्म परिवर्तन से जुड़ा होने के कारण काफी संवेदनशील है। स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं। माता-पिता अपनी बेटियों को जिम भेजने से हिचकिचा रहे। एएसपी ने आश्वासन दिया कि सातों आरोपियों में बाकी तीन को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जिम संस्कृति को बढ़ावा देने वाले लेकिन अपराध का अड्डा न बने, इसके लिए पुलिस दिशानिर्देश जारी कर सकती है। यह घटना पूरे उत्तर प्रदेश में सनसनी फैला रही। मिर्जापुर पुलिस की तत्परता की सराहना हो रही, लेकिन सिपाही वाले एंगल पर पारदर्शिता की मांग तेज है। जांच आगे बढ़ेगी तो और राज खुलेंगे। फिलहाल, पीड़ित लड़कियों को सुरक्षा दी जा रही है।

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