भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में आज नामांकन प्रक्रिया चल रही है। कार्यवाहक अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, किसी अन्य उम्मीदवार के नामांकन भरने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। ऐसे में कल 20 जनवरी को नितिन नवीन के निर्विरोध चुनाव जीतने की औपचारिक घोषणा होने की पूरी उम्मीद है। मात्र 42 वर्ष की आयु में वे भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले हैं, जो पार्टी के भविष्य की दिशा को नई ऊर्जा प्रदान करने का संकेत देता है।नवीन के अध्यक्ष बनने के बाद उनकी सबसे पहली परीक्षा पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में होगी। इसके बाद 2027 में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड और 2029 में आम चुनाव होने हैं। इस बीच कई राज्यों के विधान सभा भी चुनाव होंगे।
गौरतलब है, भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव हर तीन वर्ष में होता है, जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मतदान करते हैं। वर्तमान प्रक्रिया में नामांकन की अंतिम तिथि आज है, जबकि मतदान 21 जनवरी को निर्धारित है। लेकिन चूंकि नितिन नवीन एकमात्र उम्मीदवार हैं, इसलिए प्रक्रिया सरल हो जाएगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ष्नितिन नवीन का नेतृत्व पहले से ही कार्यवाहक के रूप में स्थापित हो चुका है। संगठन में उनकी स्वीकार्यता व्यापक है, इसलिए कोई अन्य उम्मीदवार उतरने की हिम्मत नहीं कर पाया।ष् यह चुनाव पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल के बाद हो रहा है, जिन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर प्रेरणादायक रहा है। बिहार के वैशाली जिले में जन्मे नवीन ने छात्र जीवन से ही भाजपा की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़कर संघर्ष शुरू किया। वे उत्तर प्रदेश और बिहार में संगठन के युवा चेहरे के रूप में उभरे। 2014 में वे लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और उसके बाद पार्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे। पिछले साल ही उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया, जब जेपी नड्डा ने अन्य जिम्मेदारियां संभालीं। नवीन की सबसे बड़ी ताकत युवा संगठन को मजबूत करना रही है। उन्होंने भाजपा की युवा मोर्चा को डिजिटल युग के अनुरूप ढाला और सोशल मीडिया के जरिए करोड़ों युवाओं को जोड़ा।
पार्टी के अंदरूनी हलकों में नवीन को श्मिलेनियल लीडरश् कहा जाता है। वे आधुनिक तकनीक और पारंपरिक संगठन ढांचे का बेहतरीन मिश्रण हैं। उनके नेतृत्व में भाजपा ने हालिया विधानसभा चुनावों में युवा वोटरों को लक्षित करने वाली रणनीति अपनाई, जिसका असर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में दिखा। एक विश्लेषक ने कहा, ष्नवीन का चुनाव भाजपा के लिए पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक है। वे न केवल सबसे युवा अध्यक्ष होंगे, बल्कि आने वाले समय में 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए युवा चेहरा भी बनेंगे।ष् नवीन ने हाल ही में साक्षात्कार में कहा था, ष्भाजपा केवल पार्टी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आंदोलन है। युवा ऊर्जा से हम इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।ष्
यह नियुक्ति भाजपा के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में विपक्षी दल युवा नेताओं पर जोर दे रहे हैं, वहीं भाजपा ने नितिन नवीन जैसे चेहरे को आगे बढ़ाकर संतुलन बनाया है। संगठन के वरिष्ठ नेता उन्हें मार्गदर्शन देंगे, लेकिन निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलेगी। पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने भी नवीन की तारीफ की है, कहा है कि वे संगठन विस्तार में माहिर हैं।कल होने वाली घोषणा के बाद नितिन नवीन का पहला बड़ा एजेंडा संगठन को और मजबूत बनाना होगा। वे ग्रामीण स्तर तक पहुंच बढ़ाने और डिजिटल कैंपेन पर फोकस करेंगे। पार्टी के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की, ष्निर्विरोध चुनाव से संगठन में एकता का संदेश जाएगा।ष् इस तरह, नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा नया अध्याय शुरू करने को तैयार है।
