पहले चरण के वोटिंग ट्रेंड से एनडीए गद्गद

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में वोटिंग की तस्वीर से साफ है कि मतदाता बड़े उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और मतदान प्रतिशत भी लगातार बढ़ता जा रहा है। शुरुआती रुझानों और नेताओं के बयान में सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों अपने-अपने पक्ष में माहौल होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन महिलाओं और युवा मतदाताओं की भारी सहभागिता कई सीटों पर समीकरण बदलने का संकेत दे रही है। आज बिहार के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। सुबह 11 बजे तक औसत 27.65 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई, जिसमें बेगूसराय (30.37 फीसदी) और लखीसराय (30.32 फीसदी) जैसे जिलों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ, वहीं राजधानी पटना में सबसे कम 23.71 फीसदी वोटिंग रही। कुल 3 करोड़ 75 लाख से अधिक मतदाता 1,314 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करने के लिए वोट डाल रहे हैं।

पहले चरण की वोटिंग को सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है, क्योंकि इसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नेता विपक्ष तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव जैसे दिग्गज मैदान में हैं। दोनों गुट एनडीए (बीजेपी, जेडीयू, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) और महागठबंधन (राजद, कांग्रेस, वाम दल) अपने-अपने पक्ष में बड़े वोट ट्रेंड का दावा कर रहे हैं। एनडीए नेता रविशंकर प्रसाद समेत कई राजनेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं, माताओं और बहनों की भागीदारी उत्साहजनक है और यह एनडीए के पक्ष में हवा होने का संकेत देता है। वहीं विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने युवाओं, छात्रों, प्रवासियों और नए मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा मतदान की अपील की है, जिससे महागठबंधन को भी उम्मीदें जगी हैं. मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था और तकनीकी नवाचारों के ज़रिए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया गया है।

बहरहाल, 2015 और 2020 के चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर और मध्य बिहार के ग्रामीण इलाकों में मतदान प्रतिशत अधिक और शहरी सीटों पर अपेक्षाकृत कम रहता है। इस बार भी आम रुझान यही दिख रहा है, जिससे उन ग्रामीण/अर्ध शहरी क्षेत्रों में एनडीए और महागठबंधन दोनों अपने-अपने कोर वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहे हैं।अभी तक के मतदान प्रतिशत और वोटिंग पैटर्न को देखें तो सीधा-सीधा किसी एक पक्ष में वोटिंग का ट्रेंड बहुत स्पष्ट नहीं दिख रहा है। एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए जीत की उम्मीदें बरकरार हैं, हालांकि बीजेपी-जेडीयू के नेताओं के बयानों में आत्मविश्वास जरूर झलक रहा है कि राज्य की जनता विकास और स्थिरता के नाम पर वोटिंग कर रही है। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव के आक्रामक प्रचार और युवाओं-महिलाओं के बड़े पैमाने पर वोट डालने से महागठबंधन को भी फायदा होने की संभावना जताई जा रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में वोटिंग ट्रेंड अभी संतुलित है, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती हिस्सेदारी, ग्रामीण इलाकों में अधिक मतदान, और सभी प्रमुख नेताओं की सक्रियता ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। अंतिम मतदान प्रतिशत और वोट साझा होने के बाद ही यह पूरा साफ होगा कि किस पार्टी के पक्ष में वोटिंग की हवा ज्यादा है, लेकिन शुरुआत में एनडीए को थोड़ी बढ़त का दावा नेताओं के बयानों में दिख रहा है। असली ट्रेंड परिणाम और एग्जिट पोल के बाद ही सामने आएगा।

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