ई दिल्ली. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. सरकार ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा अब 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है. लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा था कि आखिर यह फायदा किन कर्मचारियों को मिलेगा? क्या ये सभी को मिलेगा या कुछेक को? इसको लेकर सरकार ने अब पूरी तरह से साफ-साफ जवाब दे दिया है, ताकि किसी को कोई भ्रम न रहे.दरअसल, हाल ही में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है. इस स्पष्टीकरण में बताया गया है कि 30 मई 2024 को जो ऑफिस मेमोरेंडम जारी हुआ था, उसके तहत केवल वही केंद्रीय सरकारी सिविल कर्मचारी इस बढ़ी हुई ग्रेच्युटी के पात्र होंगे जो सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स 2021 या सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी अंडर नेशनल पेंशन सिस्टम) रूल्स 2021 के तहत आते हैं.
कौन-कौन नहीं आते दायरे में
इसका मतलब यह है कि जो कर्मचारी इन नियमों के दायरे में नहीं आते, उन्हें यह बढ़ी हुई ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी. इनमें बैंक कर्मचारी, पोर्ट ट्रस्ट, आरबीआई, पीएसयू (सार्वजनिक उपक्रम), स्वायत्त संस्थान, विश्वविद्यालय या राज्य सरकार के कर्मचारी आते हैं. ये संस्थान अपने-अपने अलग नियमों के तहत चलते हैं, इसलिए उनके मामलों पर यही विभाग निर्णय नहीं लेता.सरल शब्दों में कहें तो केवल वे केंद्रीय सरकारी कर्मचारी जो सिविल सेवाओं के पेंशन नियम 2021 या एनपीएस के तहत आने वाले ग्रेच्युटी नियम 2021 के दायरे में हैं, उन्हें ही अधिकतम 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी मिलेगी. बाकी कर्मचारियों को अपने विभाग या मंत्रालय से पता करना होगा कि उन पर कौन-से नियम लागू होते हैं.सरकार का यह कदम उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जो लंबे समय से केंद्रीय सेवाओं में कार्यरत हैं. अब सेवानिवृत्ति के समय उन्हें पहले से ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, जिससे रिटायरमेंट के बाद का जीवन थोड़ा और सहज हो सकेगा.
