भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धनश्री वर्मा, का रिश्ता आखिरकार तलाक पर खत्म हो गया। दिल्ली हाई कोर्ट ने भरण-पोषण (एलीमनी) से जुड़े उनके मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि धनश्री आर्थिक रूप से सक्षम हैं और उन्हें किसी तरह की एलीमनी की आवश्यकता नहीं है। इस फैसले के बाद चहल ने खबर का स्क्रीनशॉट लेकर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “मां कसम खाओ कि पलटोगे नहीं।” उनकी यह स्टोरी कुछ ही मिनटों में वायरल हो गई, जिसके बाद उन्होंने उसे हटा भी दिया।
कोर्ट का यह आदेश उन कई मामलों के लिए नजीर माना जा रहा है, जहां पति-पत्नी दोनों अपने-अपने पेशों में स्वतंत्र रूप से सफल हैं। धनश्री, जो एक लोकप्रिय डांस कोरियोग्राफर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, की मासिक आय लाखों में बताई जाती है। चहल और धनश्री की शादी दिसंबर 2020 में हुई थी। लॉकडाउन के दौरान शुरू हुआ यह रिश्ता सोशल मीडिया पर किसी परीकथा जैसा दिखता था, मगर बीते दो सालों में दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए। अब कोर्ट का निर्णय आने के बाद उनका रिश्ता कानूनी तौर पर समाप्त हो चुका है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि आधुनिक दौर में जब दोनों साथी आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों, तो भरण-पोषण का दायित्व किसका होना चाहिए? कोर्ट ने इस फैसले से यह स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर व्यक्ति को आत्मनिर्भर रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। युजवेंद्र फिलहाल आगामी घरेलू क्रिकेट सीजन की तैयारी में जुटे हैं, जबकि धनश्री अपने नए डांस प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
