मायावती नायक हैं… रैली के तुरंत बाद आजम खान ने की बीएसपी चीफ की तारीफ, साथ में दे दिया ये बड़ा भरोसा

लखनऊ में गुरुवार को मायावती की विशाल रैली थी। इस रैली में उन्‍होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला किया। उन्‍होंने खासतौर पर सपा पर आरोप लगाया कि जब वह यूपी में सत्‍ता में आई तो उसने बसपा के दलित स्‍मारकों के टिकट से होने वाली कमाई दबा ली। हालांकि, उन्‍होंने मौजूदा बीजेपी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि बसपा योगी सरकार की बहुत आभारी है कि उसने इस पैसे से इन स्‍मारकों की मरम्‍मत करवाई। जब इस मुद्दे पर सपा के वरिष्‍ठ नेता आजम खान से पूछा गया तो उन्‍होंने मायावती की तारीफ करते हुए वादा किया कि अगर सपा सत्‍ता में आती है तो उन्‍हें इस तरह की शिकायत का मौका नहीं दिया जाएगा।

आजम खान ने मीडिया को दिए एक इंटरव्‍यू में कहा, मैं इस बात के लिए दुख व्‍यक्‍त करूंगा। मैं उनका बहुत सम्‍मान करता हूं, मैं ही नहीं पूरा देश उनका सम्‍मान करता है। वह इसके योग्‍य भी हैं। वह मुख्‍यमंत्री रहीं, नहीं रहीं मेरा इससे कुछ लेना देना नहीं है। लेकिन वह एक बडे़ जनसमूह की नायक हैं। हम उनकी इज्‍जत भी करते हैं, एहतराम भी करते हैं। और अगर उन्‍हें मीडिया के माध्‍यम से कोई ऐसी खबर मिली है ज‍िससे उनहें दुख पहुंचा हो तो मुझे अफसोस है ऐसी खबर के लिए।

आजम खान ने आगे कहा, उनकी अहम‍ियत में मेरी नजर में कोई कमी नहीं है। वह एक बड़ी सियासत दां हैं, मैं एक छोटा वर्कर हूं। वह जब रामपुर तशरीफ लाईं थीं तो वह मेरी मेहमाान भी थीं। उन्‍होंने महसूस किया होगा कि मेरा उनके साथ कैसा आत्‍मीयता का संबंध है। मेरा ताल्‍लुक कांशीराम जी से बहुत रहा है। शायद यह किसी को पता नहीं होगा कि वह सुबह 4 बजे मेरे पास आते थे उन्‍हें मालूम था कि मैं फजर की नमाज पढ़ता हूं। वह मुझसे कहते थे कि मैं ऐसे वक्‍त आता हूं जब आप मुझे मिल जाएं।

हमारी आधा-एक घंटा बात होती थी, फिर वह चले जाते थे। मेरा उनके बड़ों से भी रिश्‍ता रहा है। ऐसा नहीं हो सकता कि मैं ऐसी बात कहूं या करूं जो उनके दुख या शिकायत का कारण बने। मुझे अगर मिलना होगा… और जरूरी नहीं कि हम राजनैतिक कारणों से मिलें। हमारी कुछ इंसानी, नैत‍िक, सामाजिक जरूरतें भी हो सकती हैं। मैं जब भी मिलूंगा तो उनका शुक्रिया अदा करूंगा कि उन्‍होंने कोई ऐसी बात नहीं कही कि ज‍िससे मेरे दिल को ठेस पहुंचे।जब आजम खान से पूछा गया कि लखनऊ में की गई रैली में उन्‍होंने सपा पर आरोप लगाया कि उसने बसपा के समय में बनाए गए स्‍मारकों के टिकट से आने वाले पैसा का अपने फायदे के लिए इस्‍तेमाल किया तो आजम खान इसे सफाई से टाल गए। उन्‍होंने पहले तो कहा कि यह राजनीतिक सवाल है। यह उनकी राजनीतिक शिकायत है।

अखिलेश का नाम लिए बगैर आजम खान ने कहा, उनकी इस शिकायत का जवाब हमारी पार्टी में उनके स्‍तर के ही लोग देंगे। वो देंगे या नहीं देंगे वो ही बेहतर जानते हैं। मैं तो 8-10 बरस से ऐसे हालात का शिकार हूं कि मुझे ये ही नहीं पता कि लखनऊ का कौन सा पार्क किस हाल में है, कहां है, आज कैसा है। पिछले 10 का वक्‍त बहुत मुश्किल गुजरा, अभी यह भी नहीं पता कि अगला वक्‍त कैसा है।अंत में आजम खान ने कहा, अगर हम सत्‍ता में आते हैं, जिसकी उम्‍मीद की जा सकती है तो हम कोशिश करेंगे कि उनकी शिकायतों का समाधान हो। आगे कोई ऐसा मौका उन्‍हें न मिले कि इस तरह के जो सामाजिक काम हैं, जो राष्‍ट्र के लिए हैं उन पर किसी तरह की ऊंच नीच की बात आए।

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