उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के लकड़मंडी इलाके में लव जेहाद के शक में 26 वर्षीय युवक अली अब्बास की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, अली अब्बास का एक हिंदू परिवार की युवती से कथित तौर पर प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों शादी करना चाहते थे। इसी को लेकर युवती के परिजनों ने रविवार देर रात युवक को घर बुलाया। जैसे ही अली अब्बास युवती के घर पहुँचा, वहां पहले से मौजूद भाइयों और परिजनों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि युवती के भाइयों ने लाठी-डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला किया और लगातार पीटते रहे। जब वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा तो उसके सिर पर ईंट से वार कर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना इतनी नृशंस थी कि आस-पास के लोग दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और फिर पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस कांड के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। संवेदनशील मानते हुए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। सआदतगंज थाने की पुलिस ने युवती के भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिला है कि लड़की और लड़के के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और युवक शादी का प्रस्ताव लेकर गया था, लेकिन लड़की के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।उनको लगता था कि उनकी बहन को कथित तौर प्रेम प्रसंग के नाम पर लव जेहाद का शिकार बनाया जा रहा है।
बहरहाल, लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में हुई यह वारदात केवल एक हत्या की घटना नहीं है, बल्कि यह कई व्यापक सामाजिक, धार्मिक और कानूनी सवालों को जन्म देती है। 26 वर्षीय अली अब्बास की प्रेम संबंधों के कारण हत्या ने न सिर्फ राजधानी को हिला दिया है बल्कि पूरे प्रदेश और देश में “लव जेहाद” जैसे संवेदनशील विषयों पर फिर से बहस छेड़ दी है। उत्तर प्रदेश में “लव जेहाद” शब्द पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का अहम हिस्सा बन चुका है। लव जेहाद का आरोप आमतौर पर यह होता है कि मुस्लिम युवक सुनियोजित ढंग से हिन्दू युवतियों को प्रेम जाल में फँसाकर धर्म परिवर्तन और शादी की ओर धकेलते हैं। लखनऊ की यह घटना भी इसी परिप्रेक्ष्य में चर्चा का विषय बन गई है। युवती के परिवार को आशंका थी कि उनकी बेटी प्रेम प्रसंग के बहाने लव जेहाद की साजिश का हिस्सा बन रही है।
उधर, इस घटना को कई सामाजिक कार्यकर्ता और जानकार “ऑनर किलिंग” का मामला भी मान रहे हैं। ऑनर किलिंग का अर्थ होता है जब परिवार या समाज अपनी “इज्जत बचाने” के नाम पर महिलाओं या उनके साथी की हत्या कर देते हैं। अंतरधार्मिक रिश्तों में अक्सर लड़की के परिवार को यह डर रहता है कि समाज उन्हें ताना देगा, मान-सम्मान घटेगा। नतीजा यह निकलता है कि प्रेम करने वाले जोड़े को अपनी जान गंवानी पड़ सकती है। भारत के कई हिस्सों में ऑनर किलिंग की घटनाएँ सामने आती रही हैं, और सुप्रीम कोर्ट भी इसे बेहद गंभीर अपराध मान चुका है। अदालत ने साफ कहा है कि “ऑनर” के नाम पर कोई भी हत्या जघन्य अपराध है और कानून में ऐसे अपराधियों के लिए किसी तरह की ढील नहीं हो सकती।
