मुजफ्फरपुर में एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान एक विवाद खड़ा हो गया जब महात्मा गांधी की प्रतिमा को भाजपा की टोपी पहनाकर कमल निशान वाला झंडा थमा दिया गया। यह घटना मीनापुर हाईस्कूल मैदान में शनिवार को आयोजित सम्मेलन के दौरान हुई, जहां शाहनवाज हुसैन, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित कई विधायक और सांसद मौजूद थे। जैसे ही प्रतिमा की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, विपक्षी दल कांग्रेस और राजद ने इसे बापू का अपमान बताते हुए जोरदार विरोध शुरू कर दिया। राजद विधायक मुन्ना यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। यादव ने गंगाजल से गांधी प्रतिमा को स्नान कराते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की और कहा कि कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रतिमा से जब्त टोपी और झंडे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। थानेदार रामएकबाल प्रसाद ने बताया कि सनहा दर्ज किया गया है और छानबीन चल रही है।
वहीं, कांग्रेस ने भी इस घटना के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी। रविवार को तिलक मैदान स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। मुकुल ने कहा कि यह घटना राष्ट्रीय धरोहर का अपमान है और कांग्रेस इसकी कड़ी निंदा करती है। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीएम से मिलकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा नेताओं से सार्वजनिक माफी मांगने को कहा और इसे भाजपा के चरित्र का प्रतीक बताया। इस मामले में भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी नेता अजय कुमार ने इसे विपक्ष की साजिश करार दिया। उनका कहना है कि सम्मेलन के दौरान ही किसी ने प्रतिमा पर टोपी और झंडा लगाया, जो वहां मौजूद नेताओं की नजर से चूक गया। लेकिन तस्वीर वायरल होते ही विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया।
