प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 13 सितंबर को मणिपुर के चुराचांदपुर और इंफाल में ऐतिहासिक दौरा करते हुए राज्य की जनता को नई उम्मीद की सौगात दी। मोदी का यह दौरा मणिपुर में 2023 में हुई जातीय हिंसा के बाद पहली यात्रा थी, जिसने राज्य की राजनीति और जनजीवन को कई स्तरों पर झकझोर दिया था। प्रधानमंत्री ने आमसभा को संबोधित करते हुए शांति, विकास और समावेशी समाज की प्रतिबद्धता जताई, साथ ही कई बड़ी घोषणाएं भी कीं।प्रधानमंत्री ने मणिपुर की जनता के हौसले की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, मैं आपके जज्बे को सलाम करता हूं, आप सबने जो कठिन दौर देखा, उस परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा। अब विकास और शांति का नया दौर शुरू हो रहा है। मोदी ने सभी जातीय समूहों के साथ मिलकर मणिपुर में स्थायी शांति की आवश्यकता दोहराई। उनका भाषण भरोसा और उम्मीद से भरा था, जिससे पीड़ित और विस्थापित लोगों को राहत का संदेश मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे के दौरान मणिपुर की जनता को 8,500 करोड़ रुपये से अधिक विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें प्रमुख घोषणाएं थीं-चुराचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाएं शुरू की गईं, जिसमें जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना (3,647 करोड़ रुपये) तथा मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट परियोजना (550 करोड़ रुपये) शामिल हैं। वहीं इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इनमें मणिपुर पुलिस मुख्यालय (101 करोड़ रुपये) और नया सिविल सचिवालय (538 करोड़ रुपये) शामिल हैं। जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, सड़क, रेलवे लाइन और गैस संयंत्र जैसे क्षेत्रों के लिए नई योजनाएं शुरू की गईं। प्रधानमंत्री की घोषणा से यह स्पष्ट नजर आया कि वह राज्य के कुकी समुदाय और मैतेई समुदाय के क्षेत्रों में सीधे निवेश कर सभी वर्गों को शांति व विकास का लाभ पहुंचाने के साथ विस्थापित परिवारों को सहायता, पुनर्वास और नई आवास योजना पर काम करना चाहते हैं।
गौरतलब हो, मणिपुर लंबे समय से जातीय हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता की चपेट में रहा है। मोदी के दौरे से स्थिति बदलने की उम्मीदें कई स्तर पर देखी जा रही है।पीएम के दौरे से शांति प्रक्रिया को नई गति देने और कुकी उग्रवादी संगठनों के साथ संघर्षविराम और लोगों को एकजुट करने की कोशिशें भी शामिल हैं।विस्थापित और हिंसा पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ऊर्जा के असर से राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष निवेश होने से आम जनता को सुविधाएँ मिलेंगी।राज्य के कुकी और मैतेई समाज के नेताओं ने प्रधानमंत्री की पहल का स्वागत किया है। शांति, शिक्षा, रोजगार, नागरिक सेवाओं, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए खुलने वाले नए अवसरों को लेकर उम्मीदें जगी हैं। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि निवेश और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से मणिपुर में ग्रामीण और शहरी संतुलन बनेगा तथा लघु उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
मोदी की यात्रा ने मणिपुर में भरोसे का माहौल बनाया है, मगर चुनौतियाँ जारी हैं जिसके तहत जातीय हिंसा की जड़ों को खत्म करने के लिए दीर्घकालीन संवाद, पुनर्वास और विश्वास निर्माण जरूरी रहेगा।नई परियोजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी। मिलकर काम करने की संस्कृति ही राज्य को स्थायित्व की ओर ले जाएगी।राजनीति, समाज और प्रशासन को एक साथ आकर लोगों के ज़ख्म भरने होंगे। कुल मिलाकर प्रधानमंत्री का दौरा एक नए सवेरा का संकेत है, जिससे मणिपुर में शांति, विकास और समावेशी समाज की नींव मजबूत होगी। आठ हजार पांच सौ करोड़ रुपये की योजनाओं और सामाजिक संवाद से राज्य नई राह पर कदम रखेगा, जिसकी गूंज आने वाले दशक तक सुनाई देगी।
